देश के करोड़ों लोगों की पहचान का जरिया बन चुका आधार कार्ड जल्द ही नए रूप में आने वाला है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) आधार कार्ड के डिजाइन में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जल्द ही नए आधार कार्ड पर सिर्फ धारक की फोटो और एक सुरक्षित QR कोड ही दिखाई देगा। अन्य सभी निजी जानकारियां जैसे नाम, पता, जन्म तिथि और आधार नंबर अब कार्ड पर दिखाई नहीं देंगी। यह बदलाव आधार कार्ड धारकों की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इस नए कदम से लोगों की निजी जानकारी के दुरुपयोग पर रोक लगेगी।
आधार कार्ड के डिजाइन में बदलाव क्यों है जरूरी?
आज के समय में आधार कार्ड लगभग हर काम के लिए जरूरी हो गया है। बैंक में खाता खोलना हो, सिम कार्ड लेना हो या फिर कोई सरकारी योजना का लाभ उठाना हो, हर जगह आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है। लेकिन इस व्यापक इस्तेमाल के साथ ही कुछ खतरे भी जुड़ गए हैं।
आधार की फोटो कॉपी में नाम, पता और बारह अंकों का नंबर साफ दिखता है। जब भी कोई व्यक्ति किसी काम के लिए आधार कार्ड की फोटोकॉपी देता है तो यह सारी जानकारी उस जगह रह जाती है। इन जानकारियों का दुरुपयोग हो सकता है। साइबर अपराधी इन जानकारियों का इस्तेमाल फर्जी पहचान बनाने के लिए कर सकते हैं। कई बार लोगों के नाम पर उनकी जानकारी के बिना ही लोन ले लिया जाता है। ऐसे मामलों में पीड़ित व्यक्ति को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कार्ड के दुरुपयोग को रोकना है मकसद
फिजिकल कार्ड पर अगर निजी जानकारी नहीं होगी तो कार्ड गलत हाथों में चला भी जाए तो उसका दुरुपयोग करना मुश्किल हो जाएगा। बिना अधिकृत एप्लिकेशन या सिस्टम के कोई भी व्यक्ति कार्ड से जानकारी नहीं निकाल पाएगा। यूआईडीएआई द्वारा तैयार किए जा रहे नए आधार कार्ड का डिजाइन बेहद सरल और सुरक्षित होगा। इस नए डिजाइन में आधुनिक सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
नए फिजिकल कार्ड पर केवल दो मुख्य चीजें होंगी। पहली चीज होगी आधार कार्ड धारक की फोटो और दूसरी चीज होगी एक सुरक्षित क्यूआर कोड। इसके अलावा कार्ड पर कोई भी निजी जानकारी नहीं छपी होगी।
क्यूआर कोड में होगी एन्क्रिप्टेड जानकारी
क्यूआर कोड में सारी जानकारी एन्क्रिप्टेड यानी कोडित रूप में रहेगी। यह जानकारी केवल अधिकृत एप्लिकेशन या सिस्टम के जरिए ही एक्सेस की जा सकेगी। आम लोग अपने मोबाइल से इसे स्कैन नहीं कर पाएंगे। सामान्य स्मार्टफोन कैमरे से क्यूआर कोड स्कैन करने पर कोई भी निजी जानकारी नहीं दिखेगी। यह तकनीक लोगों की निजता को पूरी तरह सुरक्षित रखेगी। केवल सरकारी या अधिकृत एजेंसियां ही विशेष सिस्टम के जरिए जानकारी देख पाएंगी।
आधार ऐप से मिलेगी और भी सुविधाएं
यूआईडीएआई ने हाल ही में आधार ऐप का नया वर्जन भी लॉन्च किया है। यह ऐप नए आधार कार्ड के बदलाव के साथ पूरी तरह से तालमेल बिठाएगा। इस ऐप के जरिए आधार कार्ड धारकों को कई सुविधाएं मिलेंगी। आधार ऐप के माध्यम से लोग अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं। अगर किसी का पता बदल गया है तो वह भी घर बैठे बदला जा सकता है। इसके अलावा और भी कई तरह के संशोधन इस ऐप के जरिए किए जा सकते हैं।
इसके अलावा यूजर्स अपने फिंगरप्रिंट और आइरिस डेटा को लॉक कर सकते हैं। यह एक बहुत खास सुरक्षा फीचर है। जब डेटा लॉक होगा तो कोई भी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन नहीं हो पाएगा। इससे धोखाधड़ी की संभावना बहुत कम हो जाएगी।
नए ऐप से लोगों को क्या होगा फायदा?
नए आधार कार्ड से आम लोगों को कई तरह के फायदे मिलेंगे। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उनकी निजी जानकारी सुरक्षित रहेगी। जब कार्ड पर कोई निजी जानकारी नहीं होगी तो उसकी फोटो कॉपी से भी कोई खतरा नहीं होगा और लोग बेफिक्र होकर जरूरत पड़ने पर अपना आधार कार्ड दिखा सकेंगे।
इसके अलावा फर्जी पहचान बनाना या किसी के नाम पर लोन लेना बहुत मुश्किल हो जाएगा जिससे आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। साइबर अपराधों में भी कमी आने की संभावना है। एन्क्रिप्टेड क्यूआर कोड की तकनीक से पहचान की पुष्टि तेज और सुरक्षित होगी। अधिकृत जगहों पर तुरंत वेरिफिकेशन हो जाएगा लेकिन फिर भी जानकारी सुरक्षित रहेगी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि पुराने आधार कार्ड को बदलना जरूरी होगा या नहीं। यूआईडीएआई इसके बारे में जल्द ही दिशानिर्देश जारी कर सकता है।
नए कार्ड के लिए क्या हो सकती है आवेदन प्रक्रिया?
हालांकि अभी तक इसके लिए UIDAI ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है लेकिन अभी तक चले आ रहे प्रोसेस के मुताबिक शायद नए आधार कार्ड के लिए भी आपको अपने नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाना पड़े। जब तक नए नियम नहीं आते तब तक पुराने आधार कार्ड भी वैध रहेंगे। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर कार्ड बदलवाना जरूरी होगा तो सरकार इसके लिए पर्याप्त समय जरूर देगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बदलाव जल्द ही लागू होने वाला है लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। यूआईडीएआई की तरफ से जल्द ही इस बारे में विस्तृत जानकारी दी जा सकती है।









