डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़ रहे है लेकिन अब मार्केट में एक नई चीज आई है जिसका नाम है AI voice scam. ये एक नया साइबर फ्रॉड का तरीका है जहां स्कैमर फ्रॉड करने के लिए इंसान की आवाज को ही अपना हथियार बना रहे हैं। AI voice scam एक नया प्रकार का स्कैम है जिससे देशभर में दहशत फैली हुई है। आपके मन में भी ये सबसे बड़ा सवाल होगा कि क्या सच में आपकी आवाज चोरी हो सकती है? क्या इसकी वजह से दुनिया भर की कमाई पलक झपकते ही गायब हो सकती है?
आज सोशल मीडिया, कॉल रिकॉर्डिंग और वॉयस नोट्स हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन कहते है न अगर किसी चीज के फायदे हैं तो नुकसान भी जरूर होते हैं। कुछ ऐसा ही हाल इनके साथ भी है। इसके द्वारा साइबर अपराधियों के लिए फ्रॉड करना आसान हो जाता है।
AI voice Scam क्या है
AI voice scam नए प्रकार का साइबर फ्रॉड है। इसमें साइबर फ्रॉड करने वाले आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी के मदद से किसी व्यक्ति की आवाज को क्लोन कर लेते हैं। उसके बाद इसी आवाज में कॉल करके परिवार, दोस्तों और ऑफिस के लोगों से फ्रॉड करते हैं।
इस फ्रॉड को अच्छे से समझने के लिए मान लीजिए, किसी व्यक्ति की 20-30 सेकंड की आवाज रिकॉर्ड कर की जाती है, चाहे वो सोशल मीडिया वीडियो हो या व्हाट्सएप वॉयस नोट। ये किसी फोन कॉल की रिकॉर्डिंग भी हो सकती है। फिर उसी आवाज में मदद मांगने, इमरजेंसी बताते या पैसे ट्रांसफर कराने के लिए कॉल करते हैं।
डिजिटल अरेस्ट से ज्यादा खतरनाक है AI voice scam
डिजिटल अरेस्ट में ठग, पुलिस और CBI अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं। वहीं AI voice scam में डर से ज्यादा भावनाओं पर हमला किया जाता है। जैसे... मां को बेटे की आवाज में कॉल करना, बॉस को करमचंद की आवाज में अर्जेंट रिक्वेस्ट, दोस्त को दोस्त की आवाज में इमरजेंसी करना आदि। AI voice scam में आवाज वहीं होते हैं, शब्द वही होते हैं, लहजा भी वही होता है इसलिए शक करने का समय ही नहीं रहता। इसी वजह से डिजिटल अरेस्ट की तुलना में AI voice scam में कई लोग तुरंत फ्रॉड को बिना सोचे समझे पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।
कैसे चोरी करते है आवाज
ये फ्रेड करने वाले लोग किसी की आवाज आखिर कैसे चोरी करते हैं? यही सवाल आपके मन में भी होगा। लेकिन सच्चाई कुछ और है। आपकी आवाज कई जगहों से आसानी से मिल सकती है जैसे...अपने जो सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किया उसके द्वारा, आपके व्हाट्सएप या टेलीग्राम वॉयस नोट्स से, इंस्टाग्राम रील और लाइव वीडियो, यूट्यूब चैनल या पॉडकास्ट और साथ ही साथ अनजान कॉल्स जो रिकार्ड हो जाती है। इन जगहों से आपकी आवाज को वो क्लोन कर लेते हैं। फिर आपकी आवाज का उपयोग वे डिजिटल स्कैम में करते हैं। इस स्कैम में अधिकतर आपके अपने ही शिकार बनाए जाते हैं। यही वजह है कि ये स्कैम डिजिटल अरेस्ट की तुलना में ज्यादा खतरनाक होता है।
जैसे जैसे आपकी डिजिटल मौजूदगी बढ़ती जा रही है वैसे ही आवाज और भी पब्लिकली डोमेन में आ जाती है।
AI voice scam आखिर काम कैसे करता

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सबसे पहली साइबर ठग आपके आवाज का सैंपल सोशल मीडिया या कॉल्स से द्वारा चुराते हैं। इसके बाद AI सॉफ्टवेयर से आवाज को ट्रेन किया जाता है। इस फेक आवाज का इस्तेमाल करके इमरजेंसी या फेक मैसेज बनाया जाता है। फिर इस आवाज में आपके परिवार वालों और रिश्तेदारों को ऑडियो मैसेज भेजा जाता है। ऑडियो मैसेज भेजकर पैसों की मांग की जाती है और तुरंत ट्रांसफर करने की बात की जाती है। साथ ही साथ तुरंत otp शेयर करने को कहा जाता है। पूरी प्रक्रिया इतनी तेज होती है कि पीड़ित को सोचने का मौका ही नहीं मिलेगा।
AI voice scam के लगातार बढ़ रहे मामले
AI voice scam के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई शहरों में ऐसे कैसे सामने आए हैं जहां पेरेंट्स अपने बच्चों को आवाज समझकर लाखों रुपए ट्रांसफर कर देते हैं। कई मामलों में तो कंपनियों को भी भरी नुकसान हुआ है। जहां CEO या मैनेजर की आवाज में कॉल करके पैसे निकलवा लिए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ये खतरा और भी बढ़ने वाला है। जिस हिसाब से दिन प्रतिदिन AI tools सस्ते होते जा रहे हैं ये संकट मंडराता जा रहा है।
इन लोगों को AI voice scam से ज्यादा खतरा
सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव रहने वाले लोगों, पत्रकार, यूट्यूनर और पॉडकास्टर को भी इससे ज्यादा खतरा है। साथ ही साथ कॉरपोरेट प्रोफेशन और बुजुर्व माता पिता को भी इससे ज्यादा खतरा है।
ऐसे बचे AI voice scam से
अगर कोई करीबी आपसे मदद मांगे तो क्रॉस चेक जरूर करें। Family side key words बनाए जो इमरजेंसी में ही इस्तेमाल हो। चाहे आवाज कितनी भी असली लगे, बिना वेरिफिकेशन कैश न भेजे। सोशल मीडिया पर वॉयस कंटेंट सोच समझकर डालें।









