आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कुछ पल की मानसिक शांति पाने के लिए लोग मेडिटेशन का सहारा लेते हैं। कई बार दिमाग इतना अशांत हो जाता है कि आसपास के लोगों से झुंझला जाते हैं। किसी से बात करने का जी नहीं करता। शायद ये परिस्थितियां आपके साथ भी हुई होंगी। अगर हां, तो आज का मेरा ये आर्टिकल आपको इस समस्या से निकालने में मदद करेगा। आज की हमारी जिंदगी कॉम्पिटीशन से भरी हुई है। हर पल खुद को दुनिया के सामने साबित करने का दबाव दिल के अंदर घर कर गया है। जिंदगी में ठहराव दिन-प्रतिदिन खोता जा रहा है। मानसिक तनाव, अकेलापन, डर और असुरक्षा लोगों के लिए आज बहुत बड़ी समस्या बन गई है। सबसे बड़ा सवाल कि क्या प्राचीन धार्मिक ग्रंथ आज इंसान को मानसिक शांति दे सकते हैं। आइए आज बात बाइबल की करें कि कैसे ये इंसान को मानसिक शंति देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। 

 

बाइबल में कही कई वो बातें जो सुनने भर से मन को शांति मिलती है और दिनभर सब अच्छा-अच्छा चलता है। मोबाइल स्क्रीन से लेकर ऑफिस की डेडलाइन तक हमारा दिमाग हर वक्त कुछ न कुछ सोचता रहता है। मानसिक तनाव, अकेलापन, डर और असुरक्षा आज इंसान की सबसे बड़ा कमी बन गई है। ईसाई धर्म का पवित्र ग्रंथ बाइबल इन हमारी सभी परेशानियों को हल करने में सक्षम है। इसे पढ़ने मात्र से मन को शांति मिल जाती है। ऐसे में बाइबल को न सिर्फ धार्मिक नियमों का संग्रह कहते हैं बल्कि ये आध्यात्म को समझने वाला ग्रंथ है। इसमें कही गई कई बातें आज भी उतनी ही सटीक हैं जितनी पहले थी। 

 

भविष्य के बारे में मत सोचो, बोझ कम होगा

 

बाइबल कहता है कि इंसान आज जिस चीज से ज्यादा परेशान है वो है भविष्य की चिंता। कोई करियर को लेकर परेशान है, कोई पैसे को लेकर, कोई अपने रिश्तों से परेशान है तो कोई कोर्ट-कचहरी से। ऐसे में बाइबल में सरल रूप से कहा गया है कि कल की चिंता मत करो क्योंकि कल आपने कभी देखा ही नहीं है। कल क्या होगा किसे पता, फिर कल की चिंता क्यों करना। कल की चिंता करने से समाधान नहीं निकलता बल्कि और परेशानी बढ़ जाती है। इस प्रकार बाइबल हमें वर्तमान में जीना सिखाता है। ये कहता है कि भविष्य की योजना मत बनाओ, अगर तुम भविष्य की योजना पहले से बनाते हो जो आज में जी नहीं पाओगे। 

 

जो हो रहा है, जैसा हो रहा है...होने दो

 

बाइबल कहता है कि सब कुछ खुद नियंत्रित मत करो। ईश्वर पर विश्वास रखो...वो जो भी तुम्हारे साथ कर रहा है तुम्हारी भलाई के लिए ही कर रहा है। आज इंसान हर एक चीज अपने नियंत्रण में रखना चाहता है। चाहता है कि रिजल्ट उनके हिसाब से आए, लोग उनके हिसाब से काम करें और परिस्थितियां उनके पक्ष में हों। याद रखें कि ईश्वर जो कर रहा है उससे किसी इंसान का बुरा नहीं हो सकता। हमें उनके बनाए हर फैसले पर भरोसा रखना चाहिए। भरोसा रखें कि जो हो रहा है जैसा भी हो रहा है तुम्हारे अच्छे के लिए ही हो रहा है। कुछ चीजें इंसान के नियंत्रण से बाहर होती हैं और उसे स्वीकार करना ही मानसिक शांति है। 

 

लोगों को माफ करो 

 

बाइबल कहता है कि लोगों को माफ करना सीखो। बाइबल के मुताबिक, किसी को माफ करना सबसे बड़ा पुण्य का काम है। लोग अपमान, धोखा और दर्द को लंबे समय तक अपने भीतर दबाकर बैठे रहते हैं। लेकिन सच तो ये है कि जो हो गया उसे पकड़कर बैठे रहने से किसी का कोई फायदा नहीं होता। हमें लोगों को माफ करना सीखना चाहिए। अगर हम लोगों के प्रति गुस्सा रखेंगे तो यहीं दबा हुआ गुस्सा मानसिक तनाव और अवसाद का कारण बनता है। बाइबल में माफी देना को कमजोरी नहीं बल्कि खुद की सबसे बड़ी ताकत बताई गई है। किसी इंसान को माफ करने से मन शांत रहता है, ज्यादा इधर-उधर की बातें नहीं सोचता।  यहां तक कि आधुनिक मनोविज्ञान भी मानता है कि माफ करने सेमन हल्का रहता है। 

 

कोई भी इंसान कभी अकेला नहीं होता 

                                                                      Image Credit: Canva 

 

बाइबल कहता है कि कोई भी इंसान कभी अकेला नहीं होता। आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर कई दोस्त होने के बावजूद इंसान खुद को खाली और अकेला महसूस करता है। लेकिन बाइबल में ये कहा गया है कि कोई भी इंसान कभी अकेला नहीं होता।  

 

ये कहती है कि जब भी आप परेशान होते हैं तो ईश्वर किसी मुसाफिर को जरूर भेज देता है जो आपकी मदद करता है। कभी भी खुद को अकेला समझने की गलती मत करो। जब इंसान सच्चा है लेकिन अपने कठीन दौर से गुजर रहा है तो आत्मिक विश्वास रखें। आपका आत्मविश्वास ही आपको हर कठीनाई से बाहर निकालने में मदद करेगा। 

 

दिखावे और लालच से दूर रहें

 

बाइबल कहता है कि दिखावा और लालच छोड़े। आपके पास जितना है उतना जीने के लिए पर्याप्त है तो अतिरिक्त से लोगों की मदद करें। ज्यादा लालच करने से बचें। आज सबसे ज्यादा लोग यहीं सोच रहे हैं कि उसके पास कितना ज्यादा है...वो कितना जल्दी आगे निकल गया। लेकिन बाइबल कहता है दूसरे से अपनी तुलना कभी मत करो, तुम्हें ईश्वर ने बहुत प्यार से बनाया है और तुम सबसे अलग हो...तुम्हारे जैसा इस दुनिया में और कोई भी नहीं है। 

 

बाइबल सिखाता है जिंदगी जीने का तरीका 

 

बाइबल न सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ मात्र है बल्कि ये जिंदगी को खुशी-खुशी जीने का सही तरीका बताता है। चिंता छोड़ना, क्षमा करना, संतोष रखना, दुख को स्वीकार करना और दूसरों के लिए करुणा रखना- ये सभी बातें हमें मानसिक शांति देती हैं। शायद यहीं वजह है कि सदियों बाद भी बाइबल आज लोगों को सही रास्ता दिखाता है, जिंदगी का पथ प्रदर्शक है।