भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) हुआ जिसमें कई चीजों के सस्ते होने की खबरें सुनकर लोगों में खुशी की लहर छाई हुई है। नई दिल्ली में आयोजित भारत-EU शिखर सम्मेलन के दौरान महा-समझौते की आधिकारिक घोषणा हुई। बता दें, आज सुबह 11:30 बजे PM मोदी और यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन दोनों ने हैदराबाद में मुलाकात की। FTA पर बातचीत के दौरान कई अहम मुद्दों पर बात हुई। फॉर्मालिटी पूरी होने के बाद अगले साल से ये नियम लागू होंगे। भारत और ईयू के कृषि और डेयरी उद्योग की सीमाओं का भी ध्यान रखा गया है। भारत-ईयू एफटीए में 97% से 99% सेक्टर कवर किए गए हैं। इस बात की जानकारी भारत और यूरोपीय संघ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जारी की। इस समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' का नाम दिया गया है। 

 

आज इतिहास का बड़ा दिन है जब मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर मुहर लग गई है। निवेश संरक्षण और जियो टैग (GI) जैसे कुछ पहलुओं पर भी बड़ा फैसला हुआ है। वहीं भारत कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में ईयू को भी कोई छूट नहीं देने का फैसला लिया गया है। बता दें 77वां गणतंत्र दिवस के तुरंत बाद ये समझौला भारत और यूरोपीय देशों के रिश्तों में और भी अधिक मजबूती देगा। इससे व्यापार, सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण सेक्टरों में दोनों को सहयोग मिलेगा। इस बीच अमेरिका ने अपनी प्रतिक्रिया दी कि यूरोप अपने ही खिलाफ युद्ध को फंडिंग कर रहा है। 

 

18 साल बाद भारत के इतिहास की सबसे बड़ी डील

 

77वां गणतंत्र दिवस मनाने के तुरंत बाद मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर मुहर लगाई गई जो एक ऐतिहासिक कदम कहा जा रहा है। बता दें, इस डील को मंजूरी देने के लिए 18 सालों से चर्चा की जा रही थी जो अब जाकर खत्म हुई। वहीं अब जाकर 27 जनवरी 2026 को दोनों ने अपने ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा कर ही दी। हालांकि अभी इसे जमीन पर उतरने में समय लगेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते को लिगल तरीके से फाइनल करने और यूरोपीय संसद से मंजूरी लेने में कम से कम 1 साल का समय तो लगेगा ही। 

 

भारत में यूरोपीय संघ की ये चीजें होंगी सस्ती

 

मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर मुहर लगने के बाद यूरोपीय संघ की कई चीजें सस्ती होंगी। केमिकल्स पर लगभग सभी उत्पादों पर टैरिफ खत्म किए जाएंगे। ऑप्टिकल, मेडिकल और सर्जिकल उपकरणों पर EU के 90% उत्पादों के लिए टैरिफ समाप्त हो गए। EU की बीयर पर टैरिफ घटाकर 50% किया जाएगा। EU की स्पिरिट्स पर टैरिफ घटाकर 40% किया जाएगा। वहीं EU की वाइन पर टैरिफ 20-30% तक कम किया जाएगा। 

इसके साथ ही साथ EU की 90-96% वस्तुओं पर टैक्स खत्म या कम हुआ है। इस समझौते से आयात लागत में भारी कमी हुई है। मशीनरी और इंडस्ट्रियल सामानों की कीमत में भी अब कमी आएगी। मशीनरी पर पहले 44% तक टैक्स देना पड़ता था लेकिन अब इसे कम किया गया है। उसी तरह पहले केमिकल्स पर 22% तक टैक्स देना पड़ता था, दवाइयों/फार्मा पर 11% तक टैक्स देना पड़ता था, लेकिन अब इस समझौते से इन पर भी बड़ी राहत मिली है। बता दें, इसके अलावा EU वाइन पर टैक्स घटकर 20-30% कर दिया गया है। रोजमर्रा की जरूरी चीजें जैसे ऑलिव ऑयल, मार्जरीन, वेजिटेबल ऑयल इन उत्पादों पर टैरिफ पूरी तरह खत्म किया गया है। 

 

गाड़ियां से लेकर मेडिकल सब सस्ता

 

                                                                Image Credit: PM Modi X I'd 

मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर मुहर लगने के बाद भारत में गाड़ियों की कीमत भी गिर गई है। गाड़ियों पर लगा टैक्स धीरे-धीरे घटकर 10% रह जाएगा। सालाना 2.5 लाख कारों की इंपोर्ट सीमा (Quota) मिलेगी। इतना ही नहीं बल्कि 90% मेडिकल प्रोडक्ट्स पर टैक्स खत्म किया गया है। इसका परिणाम ये होगा कि अब इलाज और जांच की मशीनें सस्ती होंगी। एयरक्राफ्ट और स्पेस सेक्टर को लेकर भीअहम फैसले लिए गए हैं। EU के लगभग सभी एयरक्राफ्ट और स्पेस प्रोडक्ट्स से टैक्स खत्म किया गया। सर्विस सेक्टर को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ। अब EU की फाइनेंशियल कंपनियों को भारत में आसान एंट्री मिलेगी। इससे मैरीटाइम, बैंकिंग, शिपिंग सेवाएं आसान और सस्ती होंगी। इस समझौते के दौरान यूरोपीय संघ का दावा है कि इससे हर साल 4 अरब यूरो की ड्यूटी बचेगी। 2032 तक India–EU ट्रेड दोगुना होने की उम्मीद भी जताई गई है। 

 

इस समझौते के और भी हैं अन्य फायदे 

 

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का असर 1 साल के अंदर देखने को मिलने लगेगा। बता दें इसे पारित होने में अभी थोड़ा और वक्त लगने वाला है। दावा है कि इस समझौते में अगले 2 साल में यूरोपीय संघ 50 करोड़ यूरो भारत को देगा। साथ ही साथ इस समझौते से भारत को ग्रीनहाउस गैस कम करने में मदद मिलेगी। ऐसे में ग्रीन टेक्नोलॉजी और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा भी मिलेगा। इस समझौते केतहतभारत ने 27 देशों के साथ FTA किया। अब भारत के छात्रों का यूरोप जाना और भी सस्ता होगा। इस मौके पर PM नरेंद्र मोदी ने देश की 140 करोड़ जनता को शुभकामनाएं दी और इसे ऐतिहासिक कदम बताया। बता दें, 18 साल के लंबे इंतजार के बाद ये FTA समझौते को मंजूर किया गया है। यूरोपीय संघ अगले 2 सालों में भारत को कार्बन उत्सर्जन कम करने और औद्योगिक परिवर्तन के लिए 500 मिलियन यूरो की सहायता राशि प्रदान करेगा। हर किसी को उम्मीद है कि अमेरिकी टैरिफ से बिगड़ी अर्थव्यवस्था को ये समझौता एक नया मोड़ देगी और भारत वैश्विक बाजार में मुनाफा कमा पाएगा। इतनी ही नहीं येयूरोपीय संघ के लिए भी उतना ही फायदेमंद होगा जितना भारत के लिए। हालांकि अभी इसे पूरी तरह पारित होने में 1 साल का समय लगने वाला है।